रविवार, 19 सितंबर 2010

खिसी भतार पर ( भोजपुरी ग़ज़ल )

बतिया पंचे के रही
खूंटवा  रहिये पे रही

अइनी दहेज लेके
अब का रोआब सहीं

खिसी भतार पर
फेंकब हांड़ी करीखही

पिया जी के लगे लिखब
चिठ्ठिया गहि-गहि

ताना मारेला लोगवा
बुढ़िया के डाइन  कही