सईयाँ अलगे बिछाके खाटी आज सुतल बाड़ें
ओही खाती रुसल बाड़ें ना
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(१)बोललो पर बोलत नईखन, सुनत नईखन कहल
इनके चलते घर में मुश्किल,भईल बाटे रहल
हमके डाहे ख़ातिर लेके धंधा उठल बाड़ें
ओही ..............................................
(२)हफ्ता दिन से सुतत बाड़े, दुअरा सईयाँ जाई के
आवतारे दुनो बेरा, होटल से खाना खाई के
बाकी घर के खाना खईला बीना टूटल बाड़ें
ओही ..........................................................
(३) मुकेश आधी रात आके, सिकड़ी बजईलें
जननी ना सुतला में, कब अईलें - गईलें
हमरो पिया दामोदर तहिये से टिहुकल बाड़ें
ओही ...................................................